सोनभद्र, अप्रैल 19 -- म्योरपुर,हिंदुस्तान संवाद। दक्षिणांचल में बनवासी सेवा आश्रम के सहयोग से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, जैविक खेती, स्वरोजगार, पर्यावरण, पेयजल के अध्ययन के लिए वाराणसी से आए छात्रों के दल ने दूसरे दिन रविवार को म्योरपुर ब्लॉक के छत्तीसगढ़ सीमा से सटे अहीरबुढ़वा गांव वहां छात्रों ने बांस कारीगरों और सांगोबांध में मिट्टी वर्तन बनाने वाले कारीगरों से मुलाकात कर स्वरोजगार और उसमें आने वाली अड़चनें की जानकारी ली।बांस कारीगरों ने बताया कि जंगल से बांस विलुप्त हो गए जिससे बांस खरीद कर वस्तुएं बनाते हैं जो महंगी पड़ती हैं। किसी तरह गुजारा हो पाता है। बाजार की भी यही समस्या है। मिट्टी कारीगरों के सामने भी समस्याएं है खास कर बाजार की समस्या से कुम्हारी रोजगार दम तोड़ रहा है। यह भी पढ़ें- पोस्टर प्रतियोगिता व विश्व विरासत दिवस कार्य...