नई दिल्ली, मई 22 -- केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने कुछ ऐसे लोगों को वापस भारत लाने का फैसला किया है, जिन्हें पहले बांग्लादेश भेज दिया गया था। केंद्र ने कहा कि वापस लाने के बाद उनकी भारतीय नागरिकता के दावे का सत्यापन किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ को बताया कि मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और इसे अन्य मामलों में अनुकरणीय मिसाल न मानते हुए, सरकार ने उन्हें वापस लाने का निर्णय लिया है। यह भी पढ़ें- कानूनी प्रक्रिया के तहत शेख हसीना की वापसी चाहता है बांग्लादेश : गृहमंत्रीसरकार का निर्णय मेहता ने कहा कि सरकार उन्हें वापस लाएगी और उसके बाद उनकी स्थिति की जां...