नई दिल्ली, अगस्त 21 -- भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तीस्ता नदी का विवाद दशकों पुराना है, लेकिन ढाका का ताजा रुख इसलिए विवादास्पद माना जा रहा है, क्योंकि उसके बयान और कदम एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। एक ओर बांग्लादेश भारत को 'मित्र देश' बताते हुए संबंध खराब न करने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर वह चीन के सहयोग से तीस्ता मेगा परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। यही विरोधाभास इस पूरे विवाद का केंद्र बन गया है। ऊपरी तौर पर देखा जाए, तो 18 अगस्त, 2026 को बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने जो कहा, वह कूटनीतिक रूप से एक संतुलित बयान था। उनका कहना था कि बांग्लादेश तीस्ता विवाद के कारण भारत से मैत्रीपूर्ण संबंध बिगाड़ना नहीं चाहता। उन्होंने भारत से जल समझौते को शीघ्र लागू करने की मांग भी दोहराई, लेकिन इसमें दबाव की रणनीति भ...