बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी के सामने 3 दशक के कब्जे को बरकरार रखने की चुनौती, राजद-जनसुराज भी तैयार
प्रिय रंजन शर्मा, जुलाई 29 -- प्रियरंजन शर्मा, हिन्दुस्तान, पटना: बांकीपुर विधानसभा सीट भले ही वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया, लेकिन इस विधानसभा क्षेत्र की सियासी महत्ता ऐतिहासिक है। पहले यह पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। पूर्व में यहां से कांग्रेस, भाकपा, जनता दल, जनक्रांति दल और निर्दलीय को भी जीत का मौका मिला। पर, साल 1995 में इस सीट पर नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने पहली बार जीत का झंडा गाड़ा। इसके बाद भाजपा को कभी हार नहीं मिली। नवीन किशोर लगातार चार बार (1995, 2000, 2005 के फरवरी और नवंबर) यहां से विधायक रहे। दिसंबर, 2005 में उनके निधन के बाद अप्रैल 2006 में हुए उपचुनाव में उनके पुत्र नितिन नवीन इस सीट से जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद से लगातार जीत होती रही है। 2025 चुनाव में भी...
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