नई दिल्ली, अगस्त 4 -- किसी एक उपचुनाव के नतीजे को जरूरत से ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए। लेकिन राजनीतिक सलाहकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर (PK) की बांकीपुर उपचुनाव में जीत से बिहार की भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चिंता होनी चाहिए। इसके पीछे कारण सिर्फ इतना ही नहीं है कि विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का कब्जा था। बल्कि यह नतीजा कई मायनों में अहम है। बांकीपुर में इस बार मतदान लगभग 34.30% रहा, जो पिछले चुनाव के मुकाबले कम है। कम वोटिंग का मतलब अक्सर यह होता है कि वोटर में उत्साह कम था, और ऐसे चुनावों में छोटा-सा असंतोष भी बड़े परिणाम में बदल सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ भी। यह भी पढ़ें- प्रशांत किशोर को दो हार के बाद बांकीपुर उपचुनाव में मिली पहली जीतवोट-शेयर की तस्वीर प्रशांत किशोर ने BJP उम्मीदवार नीरज कुमार...