पटना, अप्रैल 12 -- गेहूं खरीद के कम लक्ष्य का असर दिखने लगा है। बांका में 55 और औरंगाबाद में 68 किसान ही पैक्सों-व्यापार मंडलों में अपना गेहूं बेच पाए। लक्ष्य पूरा होते ही यहां के पैक्सों ने खरीद बंद कर दी है। अब शेष किसानों को बिचौलिए के हाथों सस्ते दामों पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। इन किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य(एमएसपी) का लाभ नहीं मिलेगा। सबसे ज्यादा घाटा छोटे किसानों को हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि पैक्सों ने ज्यादातर खरीदारी बड़े किसानों से की है। बांका जिले में गेहूं का अनुमानित उत्पादन 1 लाख 84 हजार एमटी है। इसकी तुलना में यहां खरीद का लक्ष्य सिर्फ 286 एमटी रखा गया है। यही कारण है कि यहां सिर्फ 55 बड़े किसान ही अपना गेहूं बेच पाए हैं। यानी एक किसान ने औसतन 5 एमटी से ज्यादा गेहूं बेचा है।इसी तरह औरंगाबाद जिले में अनुमानित उत्पा...