बांका, मई 31 -- पंजवारा(बांका),निज प्रतिनिधि। डिजिटल संगीत के दौर में भी पंजवारा थाना क्षेत्र के रामकोल गांव में एक परिवार पारंपरिक सुरों की मिठास को सहेजने में जुटा है।

परिवार की परंपरा रामकोल निवासी संजय शर्मा पिछले कई दशकों से हारमोनियम मरम्मत का काम कर रहे हैं।उनके परिवार में यह हुनर पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है,और अब तीसरी पीढ़ी भी इस कला से जुड़ चुकी है। संजय शर्मा बताते हैं कि हारमोनियम बनाना और उसकी मरम्मत करना उनके पुरखों की पहचान रही है।दादा और पिता से मिली इस कला को उन्होंने न केवल आगे बढ़ाया,बल्कि इसे अपनी आजीविका का प्रमुख साधन भी बना लिया है।

संगीत से जुड़ी सेवा उनका कहना है कि यह केवल रोजगार नहीं,बल्कि संगीत से जुड़ी सेवा है। हारमोनियम के कुशल कारीगर अब कम होते जा रहे हैं।ऐसे में रामकोल के संजय शर्मा की पहचान दूर-दराज तक ब...