बांका, जनवरी 4 -- बांका, वरीय संवाददाता। बांका जिले में नदियों के लगातार सूखने से सिंचाई का संकट गंभीर होता जा रहा है। कभी बारहमासी मानी जाने वाली छोटी-बड़ी नदियां अब गर्मी और सर्दी, दोनों मौसम में पानी के लिए तरसती नजर आ रही हैं। इसका सीधा असर जिले के विभिन्न इलाकों में बने डैम और जलाशयों पर पड़ा है, जहां साल के शुरुआती महीनों में ही पानी समाप्त हो जा रहा है। बांका जिले के जीवनदायनी मानी जाने वाली चांदन, ओढ़नी, बदुआ, चीर नदियों की धाराएं पहले जलाशयों और आहर-पइन तक पहुंचता था। इन नदियों पर आधारित जल संरचनाओं से बांका, कटोरिया, बेलहर, शंभूगंज और फुल्लीडुमर सहित बांका ही नहीं भागलपुर व मुंगेर जिले के किसानों के खेतों की सिंचाई होती थी। अब स्थिति यह है कि बरसात के एक दो महीनों को छोड़ दें तो इन नदियों में पानी दिखाई ही नहीं देता। परिणामस्वरू...