बांका, जनवरी 14 -- बौंसी, निज संवाददाता। बिहार का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व से समृद्ध मंदार पर्वत प्राचीन पुरातात्विक अवशेषों का एक विशाल भंडार है, लेकिन विडंबना यह है कि आज तक इसे पुरातत्व विभाग के आधिकारिक मानचित्र में स्थान नहीं मिल सका है। संरक्षण और समुचित देखरेख के अभाव में यहां मौजूद दुर्लभ मूर्तियां, शिलाखंड, शिलालेख एवं प्राचीन लिपियां धीरे-धीरे नष्ट होती जा रही हैं। पिछले दो दशकों से स्थानीय लोग एवं सामाजिक संगठन मंदार पर्वत को पुरातत्व विभाग की सूची में शामिल करने की मांग करते आ रहे हैं, किंतु यह मांग अब तक फाइलों में ही दबी हुई है। पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण यह स्थल प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। वर्ष 2012 में शांति निकेतन के पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेषज्...