कौशाम्बी, फरवरी 1 -- दोआबा में बहू-बेटियों की इज्जत पर संकट मंडरा रहा है। आबरूरेजी की वारदात आम हो गई है। घर की चारदीवारी के भीतर हो या बाहर, हर ओर से नारी अस्मिता पर हमले की खबरें आ रही हैं। पितृसत्तात्मक मनोवृत्ति की विकृतियां और पौरुष मनमानियों ने इस समस्या को भयावह बना दिया है। पुलिस-प्रशासन तत्परता से कार्रवाई कर रहा है। फिर भी एक ही दिन में कई मुकदमे दर्ज होना इसका प्रमाण है कि अपराध का सिलसिला थम नहीं रहा है। यह स्थिति न केवल पुलिस के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के मूल्यों व चेतना पर गहरा प्रश्नचिह्न भी है। जरूरी है कि परिवार, समाज तथा कानून मिलकर इस अंधेरे को दूर करे, ताकि बेटियां निर्भीक होकर जी सकें। अलग-अलग थानों में दर्ज मामले : -- केस-01 पड़ोसी युवक ने विवाहिता से की अश्लील हरकत मंझनपुर। सरायअकिल थाना क्षेत्र की एक महिला ने बता...
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