सोनभद्र, जून 25 -- म्योरपुर,हिंदुस्तान संवाद। स्थानीय विकास खंड के कस्बे में बहुमंजिलि इमारते मकान मालिकों को अच्छी व नियमित आय देने की साधन भले ही है, लेकिन सुरक्षा के कोई प्रबंधक नहीं दिखाई पड़ते। गत दिनों प्रदेश की राजधानी में संचालित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भी न तो मकान मालिक न ही किरायेदार इस विषय पर गंभीरता दिखाते हैं। साथ ही इन किराये के मकानों की अग्नि सुरक्षा को लेकर ग्राम पंचायत ही सजग है। कस्बे में मकान किराये पर लगाया जाना व्यावसायिक रूप ले चुका है, बड़ी संख्या में प्राथमिक शिक्षक, ब्लॉककर्मी, स्वास्थ्यकर्मी यहां तक कि पुलिस कर्मी किराये के मकानों में रह रहे हैं। यह भी पढ़ें- हर त्रासदी के बाद चेतावनी, लेकिन नहीं बदलती तस्वीर! कस्बे के कई भवन सिर्फ किराये के लिए ही उपयोग में है, इन भावनों में निवास करने वाले ल...