नई दिल्ली, फरवरी 25 -- नई दिल्ली, प्रभात कुमार। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मतदान को अनिवार्य बनाने की वकालत की, ताकि अधिक से अधिक मतदाता वोट देने के अपने कीमती अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मतदान केंद्र तक पहुंचे। शीर्ष अदालत ने उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह मौखिक टिप्पणी की, जिसमें कहा गया है कि यदि सिर्फ एक उम्मीदवार भी हो, तब भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित करने के बजाए चुनाव कराए जाएं ताकि मतदाता नोटा (इनमें से कोई नहीं) के विकल्प चुनने के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस बात पर चर्चा की कि क्या नोटा के आने के बाद मतदान में बढ़ोतरी हुई और उम्मीदवारों की क्वालिटी में सुधार हुआ है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि 'कभी-कभी ऐसा ...