निखिल पाठक, मई 8 -- दिल्ली की मध्य जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शादी में बारात ले जाने वाली बस के देर से पहुंचने और बीच रास्ते खराब होने के मामले में ट्रांसपोर्ट कंपनी को लापरवाही का दोषी ठहराते हुए रकम लौटाने और मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग अध्यक्ष दिव्य ज्योति जयपुरियार और सदस्य डॉ. रश्मि बंसल की पीठ ने कैप्रिकॉर्न ट्रांसपोर्ट सर्विसेज को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 14 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाए और मानसिक पीड़ा, असुविधा व उत्पीड़न के लिए 50 हजार रुपये का मुआवजा भी दे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो कुल राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होगा। मामले के मुताबिक, शिकायतकर्ता मंगोलपुरी निवासी कपिल कुमार ने अक्तूबर 2022 में अपनी शादी में बारात को दिल्ली से ...