रामपुर, मई 22 -- शाहबाद। शाहबाद में बस अड्डे की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पांच जिलों की सीमाओं से घिरी रामपुर की सबसे बड़ी तहसील में भी बस अड्डे के लिए उपयुक्त जमीन का न मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह कहना गलत नहीं होगा कि जितनी बेरुखी विभागीय स्तर पर दिखी, उतनी ही सुस्ती प्रशासनिक प्रयासों में भी नजर आई। कई वर्षों में प्रशासन ऐसी जमीन की तलाश नहीं कर सका, जिस पर विभाग अंतिम सहमति दे सके। वर्ष 2021 में हिन्दुस्तान की मुहिम के दौरान प्रशासन ने कई जमीनें चिह्नित की थीं, लेकिन विभाग ने मानक विपरीत बताकर फेल कर दीं और बस अड्डे के साथ ही शाहबाद का विकास अधर में लटक गया। अब नए सिरे से भूमि चयन की कवायद शुरू की गई है。 यह भी पढ़ें- भांगरौला में बस डिपो निर्माण की संभावनाओं की तलाशबस अड्डे की आवश्यकता शाहबाद में बस अड्डे की मांग नई नहीं...