बस्ती, दिसम्बर 13 -- बस्ती, निज संवाददाता। कोडीनयुक्त कफ सिरप चार थोक फर्मों से खरीद कर बेचने वाली आरोपी थोक विक्रेता गणपति फार्मा ने जनवरी से जून तक छह माह में करीब दो करोड़ का धंधा किया। सेंट्रल और स्टेट का जीएसटी जरूर जमा किया, लेकिन खरीद-फरोख्त कागजों में होती रही। जीएसटी में रजिस्टर्ड किसी फर्म का उपयोग नहीं किया गया। फार्मा के खिलाफ केस दर्ज है, मगर उसके संचालक को खोजना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। बस्ती शहर के गांधीनगर स्थित गणपति फार्मा को अक्तूबर 2024 में औषधि बेचने का लाइसेंस मिला। इस फर्म ने सेंट्रल के पोर्टल पर जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कराया और जीएसटी नंबर प्राप्त कर लिया। फार्मा ने जनवरी 2025 से दवाओं की खरीद शुरू की। जनवरी से मार्च और फिर अगले वित्तीय वर्ष अप्रैल से जून 2025 तक दवाओं की खरीद-फरोख्त हुई। गणपति फार्मा को जिले ...