बदायूं, मार्च 23 -- क्षेत्र के गांव बसोमा के मंदिर पर सुबह के समय एक साधु आ गये। जिन्हें देखते ही गांव वालों ने अब से 30 साल पहले गांव से ही लापता हुये शंकर लाल शाक्य होने का दावा किया। जिसकी सूचना मिलने पर उनका पुत्र रूप बसंत शाक्य और छोटे भाई रिटायर फौजी डोरी लाल भी पहुंच गये। भाई ने उन्हें पहचानने कोशिश कर कुछ हद तक उन्हें पहचानने की बात कही। वहीं उनके पुत्र ने पिता के जाने के समय बालक होने की बात कहते हुये पहचानने से मना कर दिया, फिर भी सेवा भाव के उद्देश्य उन्हें घर ले गये और खाना खिलाया। रिटायर फौजी डोरी लाल शाक्य ने बताया उनके भाई शंकर लाल अब से करीब 30 साल पहले घर से चले गये थे, उनकी मनोदशा भी कुछ ठीक नहीं थी। 30 साल के लंबे अंतराल के बाद साधु के भेष में आये व्यक्ति का गांव वाले उनका भाई होने का दावा कर रहे हैं। उनकी पीठ पर एक निश...