कानपुर, सितम्बर 25 -- कानपुर देहात, संवाददाता। यमुना एक्सप्रेस वे पर स्लीपर बस में आग लगने से हादसे में आठ लोगों की जान चली गई। जनपद से तो स्लीपर बसों का संचालन नहीं होता,लेकिन यहां के हाईवे से स्लीपर बसें गुजरती हैं। बुकिंग होने पर सवारियां भी बैठातीं हैं। धड़ल्ले से दौड़ रही इन बसों की चेकिंग के प्रति खुद जिम्मेदार गंभीर नहीं है। तेज रफ्तार भागती स्लीपर बसों का संचालन जनपद से सीधे नहीं है,लेकिन यहां के दोनो हाईवे कानपुर-इटावा और कानपुर झांसी हाईवे से होकर दर्जनों स्लीपर बसें निकलतीं हैं। इनमें भी मानक पूरे नहीं हैं। बसों में सवारियों से अधिक इनकी डिग्गी मेंं सामान भरा होता है। सामान में कोई ज्वलनशील सामग्री है कि नहीं इसकी भी चेकिंग नहीं होती है। कई बार इसकी अनदेखी हादसे का कारण बनती है। ऊपर तक सेटिंग के कारण कई बार छोटे-मोटे चालान करके क...