लखनऊ, फरवरी 28 -- उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग का सर्च बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों से सोनभद्र के पठारों की पत्थर खदानों तक पहुंच चुका है। खनन विभाग के कई अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पहली बार जांच में आयकर विभाग ने ड्रोन, सैटेलाइट इमेजिंग और जियो टैगिंग की मदद ली है। लखनऊ में भी एक और जगह छापा पड़ा। साथ ही विधायक से जुड़े करीबियों के बैंक ट्रांजेक्शन की एसबीआई में पड़ताल की गई। आयकर सूत्रों के अनुसार सोनभद्र में सपा से जुड़े एक नेता की पत्थर खदान की जांच चल रही है। ओबरा के मारकुंडी में ड्रोन कैमरों और सेटेलाइट कैमरों से जियो मैपिंग की गई। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर स्वीकृत सीमा और वास्तविक खनन का मिलान किया गया। एमएम 11 जारी रखने में अनियमितता मिली है। एसबीआई में भी ट्रांजेक्शनों की जांच की गई। बड़े...