कुशीनगर, मार्च 8 -- कुशीनगर। बसंतकालीन गन्ने के साथ भिण्डी की सहफसली खेती करके किसान अपनी आय बढ़ने के साथ गन्ने की उत्पादन लागन को कम किया जा सकता है। भिण्डी बोने के 40 से 45 दिन पर सब्जी के लिए तैयार हो जाती है। इससे प्रति एकड़ एक लाख रूपये की अतिरिक्त आमदनी की जा सकती है।भिण्डी की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी के समय 50 से 60 कुन्तल गोबर की सड़ी खाद प्रति एकड़ प्रयोग करना चाहिए। कुशीनगर में अधिक उपज देने वाली भिण्डी की प्रमुख किस्मों में बीआरओ - 6 , राधिका, परमनी क्रान्ति, नब्या, सिद्धी - अंकुर, आईआईवीआर-10 आदि शामिल हैं। गन्ने की अधिक उपज देने वाली प्रमुख प्रजातियां को. 0118 , कोलख - 14201, कोशा- 17231, कोसे 8452, 17451, कोशा 13235, को. लक-15470 आदि प्रमुख है। पूर्व सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि गन्ने की बुवाई 120 सेमी ...