रांची, जुलाई 3 -- रांची, वरीय संवाददाता। शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से रांची नगर निगम ने बल्क वेस्ट जेनरेटरों (बीडब्ल्यूजीएस) के साथ शुक्रवार को एक बैठक बुलाई। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि एक अप्रैल से सभी बल्क वेस्ट जेनरेटरों के लिए अपने परिसर में चार रंगों के डस्टबिन (हरा, नीला, लाल और काला) रखकर स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों का निर्मित क्षेत्र 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक है, प्रतिदिन 40 हजार लीटर या उससे अधिक जल की खपत होती है अथवा 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है, उन्हें बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे सभी संस्थानों को एसडब्ल्यूएम सीपीसीबी पोर्टल पर पंजीकरण कराना ...