नई दिल्ली, फरवरी 21 -- पाकिस्तान की सेना ने कारगिल युद्ध में मारे गए अपने सैनिकों को पहचानने से इनकार कर दिया था। अब यही फॉर्मूला उसने बलूचिस्तान में भी इस्तेमाल किया है। पाकिस्तानी सेना के सात जवान बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के कब्जे में हैं, जिनके बदले वह अपने लड़ाकों की रिहाई की मांग कर रही है, लेकिन पाकस्तानी सेना ने साफ कह दिया है कि ये जवान उनके हैं ही नहीं। सूत्रों के अनुसार 14 फरवरी को बीएलए ने इन सैनिकों का अपहरण किया था इनकी तस्वीरें और वीडियो क्लिप जारी कर अपने लड़ाकों को छोड़ने को कहा था। इसके लिए 21 फरवरी तक की मियाद रखी गई है, जो शनिवार को खत्म हो जाएगी। बीएलए ने कहा कि यदि पाक सेना ने उसकी बात नहीं मानी तो इन जवानों को फांसी दे दी जाएगी। यह भी पढ़ें- पाक के PM ने कहा कि मैंने 3.5 करोड़ जानें बचाईं, टैरिफ पर SC के फैसल...