नई दिल्ली, जुलाई 18 -- बलूचिस्तान की ओर से स्वतंत्रता की घोषणा के दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि अभी तक किसी भी देश ने बलूचिस्तान को आजाद देश के रूप में मान्यता नहीं दी है, लेकिन इस घटनाक्रम ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कए हैं। लगभग 65 अरब डॉलर की लागत वाला सीपेक चीन की बेल्ट एंड रोड पहल की सबसे अहम परियोजनाओं में से एक है। करीब 3,000 किलोमीटर लंबे इस गलियारे के जरिए बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग क्षेत्र से सड़क, रेल और पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से जोड़ा गया है। यह भी पढ़ें- PoK में हिंसा पर भड़का UN, पाकिस्तान को लगाई लताड़, मौतों की जांच की मांग अगर भविष्य में बलूचिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलती है, तो ग्वादर बंदरगाह पर नियंत्रण और CPEC की मौजूदा ...