बांदा, अप्रैल 16 -- बांदा। जनपद में कहने को तो जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में दस बेड हैं और मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में 16 बेड हैं। यहां भी प्लास्टिक सर्जन डाक्टर व स्टाफ की बेहद कमी है। बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए दोनों वार्डों में तीन एसी लगे हैं। सभी चालू बताए जा रहे हैं। वार्ड झुलसे मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। यहां कोई भी जूता-चप्पल पहनकर अंदर आता-जाता रहता है। वार्ड में भर्ती बबेरू निवासी सुनील ने बताया कि यहां सब कुछ रामभरोसे है। क्यूटी पट्टी से लेकर ज्यादातर दवाएं बाहर से लानी पड़ती हैं, जो बेहद महंगी मिलती हैं। यह भी पढ़ें- 45 दिनों में 130 स्थानों पर लगी आग, जिंदा जले पांच लोग ज्यादा जले मरीज को भर्ती करने से पहले ही कानपुर रेफर कर दिया जाता है। चादर से लेकर सारा इंतजाम तीमारदारों को खुद ही करना पड़ता है। ...