नई दिल्ली, अप्रैल 18 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निर्णय में कहा है कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के तहत जारी जन्म प्रमाणपत्र तब तक वैध और मान्य है, जब तक उसे रद्द न कर दिया जाए या उसमे जालसाजी साबित न हो जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने कक्षा छह में दाखिले से जुड़ी विमल सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब तक कोई दस्तावेज़, जो किसी वैधानिक प्रावधान के तहत जारी किया गया, या तो रद्द न कर दिया जाए या उसमें जालसाज़ी का कोई तत्व साबित न हो जाए, तब तक उसका संबंधित अधिकारियों पर बाध्यकारी प्रभाव रहेगा। यह भी पढ़ें- JNVST समर बाउंड कक्षा 6 रिजल्ट navodaya.gov.in पर जारी, Direct Linkजवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिले का मामला, शक पर किया इनकार कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों के अ...