वाराणसी, अप्रैल 10 -- वाराणसी। अब बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) लोको की पीरियाडिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) यानी पुराने इंजनों का कायाकल्प भी करेगा। यहां पहली बार यह सुविधा शुरू की जा रही है। इस वित्तीय वर्ष में 15 इंजनों की ओवरहॉलिंग का लक्ष्य रखा गया है। ये इंजन देश के विभिन्न लोको शेड से आएंगे।रेल इंजनों के निर्माण में वैश्विक पहचान रखने वाले बरेका में पहली बार 10 डीजल और पांच विद्युत इंजनों की पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग का लक्ष्य रखा गया है। डीजल और विद्युत इंजनों की लाइफ 36 वर्ष मानी जाती है। इसके आधे समय यानी 18 वर्ष में लोको को पीरियाडिक ओवरहॉलिंग की जरूरत पड़ती है। ओवरहॉलिंग यानी पूरे इंजन का रिन्यूअल किया जाता है।ओवरहॉलिंग से नया सरीखा होगा लोकोओवरहॉलिंग की प्रक्रिया में इंजनों का पावर पैक यानी ऑल्टरनेटर, टर्बो सुपर चार्जर समेत कई जरूरी उपकरण ब...