कटिहार, अप्रैल 14 -- सेमापुर। संवाद सूत्र बरारी प्रखंड क्षेत्र में एक समय किसानों की आय का प्रमुख साधन रही केला की खेती अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ती नजर आ रही है। लगातार बदलते मौसम, बढ़ती लागत और फसलों में फैल रही बीमारियों के कारण किसान इस पारंपरिक खेती से दूरी बनाने लगे हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि पहले बरारी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर केला की खेती होती थी, जिससे अच्छी आमदनी होती थी। लेकिन अब खेतों में इसकी जगह दूसरी फसलें ले रही हैं। खासकर पीलिया बीमारी जैसी खतरनाक बीमारी ने केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस बीमारी के फैलने से पूरी फसल बर्बाद हो जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।इसके यह भी पढ़ें- बदलते मौसम के मिजाज ने मक्का उत्पादकों की बढ़ाई परेशानी अलावा समय पर सिंचाई की कमी, खाद और दवाइयों की...