पाकुड़, नवम्बर 25 -- दिन-ब-दिन तेजी से गिरते जलस्तर को लेकर जहां एक ओर सरकार जल संरक्षण को लेकर काफी गंभीर है। इसे लेकर कई कार्यक्रम चला रही है। भू-गर्भ जलस्तर को बनाये रखने के लिए भगीरथ प्रयास कर रही है। वहीं प्राकृतिक जल श्रोतों में मुख्य श्रोत माने जाने वाली नदियों की स्थिति महेशपुर प्रखंड में काफी दयनीय है। महेशपुर प्रखंडवासियों के लिए लाइफ लाइन माने जाने वाली बांसलोई व पगला नदी का वर्तमान स्वरूप देख कर यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि ये दोनों महत्वपूर्ण नदियां अपने अस्तित्व को बचाये रखने के लिए काफी जद्दोजहद कर रही है। बालू का अत्यधिक दोहन व डैम का जीर्णोद्धार नहीं होने के कारण नदी में पानी का ठहराव नहीं है। गोपीकांदर प्रखंड के पूर्वी भू-भाग के पहाड़ियों से आने वाली विभिन्न जल धाराओं को समेट कर पगला नदी का रूप लेकर महेशपुर प्...
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