संभल, मई 4 -- बबराला के राजघाट स्थित गंगा तट पर शवदाह के लिए आने वाले लोगों को मानसिक शांति और विश्राम देने के उद्देश्य से बनाया गया शांति उपवन इन दिनों खुद बदहाली का शिकार बना हुआ है। लाखों रुपये की लागत से तैयार यह उपवन रखरखाव के अभाव में सफेद हाथी साबित हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि शांति उपवन का मुख्य द्वार अधिकतर समय बंद रहता है। गेट के बाहर कूड़े-कचरे और कबाड़ का ढेर लगा है, जिससे अंदर प्रवेश करना भी मुश्किल हो गया है। लोगों के बैठने के लिए बनाया गया यह स्थान अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। यह भी पढ़ें- विधायक बेहड़ ने किया सात लाख रुपये के विकास कार्यो का लोकार्पण किया सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। देखरेख के अभाव में उपवन के भीतर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और घास उग आई हैं, जिससे यह स्थान क...
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