कोडरमा, मार्च 13 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता । ईद करीब आते ही सेवई की दुकानें सजने लगी हैं। खरीदारों की भीड़ से शहर के बाजार गुलजार हो उठे हैं। बनारस की किमामी, कोलकाता की लच्छा और स्थानीय सेवइयों की बिक्री जोरों पर है। इन सबके बीच बाजार में हाथ से बनी सेवइयां भी थोड़ी-बहुत दिख जाएंगी। लच्छा और किमामी के जमाने में उन मीठी यादों के तौर पर ये अब भी मौजूद हैं, जिनके चलन से मोहल्ले में दस दिन पहले ईद दस्तक दे देती थी। शहर में कई जगहों पर दुकान लगानेवाले बताते हैं कि आधुनिक मशीन के जमाने में हाथ की बनीं सेवइयां अब कम नजर आती हैं। वक्त के साथ बदलाव आम बात है, लेकिन पहले जब पड़ोस की औरतें एक जगह बैठ हाथ वाली छोटी मशीन से सेवइयां बनाती थीं तो अलग उत्साह रहता था। सेवइयों को बनाने से सुखाने की हफ्तेभर की प्रक्रिया के दौरान यह पल-पल ईद का एहसास कराता ...