नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकालीन बंदी के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के साथ ही इस साल की चारधाम यात्रा का औपचारिक समापन भी हो गया। मंदिर परिसर को इस मौके पर विशेष रूप से सजाया गया और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। परंपरा के अनुसार सर्दियों के छह महीनों तक बद्रीनाथ धाम में नियमित पूजा संभव नहीं होती, इसलिए भगवान बद्रीविशाल की गद्दी अब जोशीमठ स्थित नरसिंह मंदिर में स्थानांतरित कर दी गई है। अगले छह महीने भक्तों के दर्शन और पूजा-अर्चना वहीं होगी। शीतकाल में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए यह व्यवस्था वर्षों से चली आ रही है। मंदिर को पुनः खोलने की तिथि हर साल अक्षय तृतीया के आसपास निर्धारित की...