नवादा, नवम्बर 3 -- वारिसलीगंज, निज संवाददाता नवादा जिले का एक मात्र वारिसलीगंज बाजार स्थित श्री गौशाला सरकारी उपेक्षा का शिकार है। डेढ़ दशक से अधिक समय से बदहाल गौशाला के पास करोड़ों की अचल संपति है। बावजूद बाजार में पशुधन भोजन की तलाश में छुट्टा घूमते नजर आते हैं। कभी कभी घुमंतू सांढ़ बाजार की आबादी के बीच आपस मे झगड़ने लगते हैं, तब अफरातफरी का माहौल बन जाता है। डेढ़ दशक पहले तक गौशाला की सशक्त कार्यकारिणी सक्रिय थी। तब गौशाला में एक सौ से अधिक पशुधन विचरण करते थे। गौशाला में तीन दर्जन से अधिक दुधारू पशु हुआ करता था, जिसकी दूध की बिक्री से पशुओं के चारे खल्ली की व्यवस्था होती थी। जबकि पावर हाउस के पास की डेढ़ एकड़ कीमती भूमि पर हरा चारा उगाया जाता था, जिससे गौशाला के पशुओं को पौष्टिक आहार की कमी नहीं होती थी। कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद गिरिर...