रांची, नवम्बर 10 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने रांची की दो जनसमस्याओं पर स्वत: संज्ञान लिया है। दोनों मामले में सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। पहला मामला रांची रेलवे स्टेशन के साउथ गेट साइड की ओर की बदहाल सड़क का है। दूसरा मामला नागा बाबा खटाल सब्जी बाजार के पीछे रांची नगर निगम की ओर से करीब 30 लाख खर्च कर डाभ के कचरा से नारियल की रस्सी बनाने का प्लांट बंद होने से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने अखबार में दोनों खबर के छपने पर स्वत: संज्ञान लिया है। जिसमें कहा गया है कि डाभ के कचरा से नारियल की रस्सी बनाने के प्लांट से सटाकर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, करीब 25 लाख रुपये की लागत से शौचालय बन रहा है। इसके लिए नींव खोद दी गई है, ऐसे में डाभ के कचरा से रस्सी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.