मुजफ्फरपुर, जनवरी 31 -- मुजफ्फरपुर। एलएस कॉलेज विश्व विरासत में शामिल है, लेकिन यहां का खेल मैदान बदहाल हो चुका है। जहां पर अभ्यास कर नित नई प्रतिभाएं पनपनी चाहिए थी, वहां उपेक्षा के कारण आज जंगल-झाड़ उग आए हैं। ऊबड़-खाबड़, कंकड़ीले मैदान में खिलाड़ी पसीना बहाते हैं। सुविधाओं का यह हाल है कि पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। कम ऊंची चहारदीवारी और रोशनी का इंतजाम नहीं होने के कारण लड़कियों को शाम ढलने से पहले ही अभ्यास रोक देना पड़ता है, क्योंकि शाम में यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने लगता है। खेल उपकरण के अभाव में खिलाड़ी नेट, पिलर तक ढोकर लाते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं का अभाव उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहा है। खेल संसाधनों को विकसित करने के लिए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके...
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