लखीसराय, अप्रैल 14 -- मनोज कुमार, लखीसराय। बिहार सरकार एक ओर पढ़ेगा बिहार बढ़ेगा बिहार का नारा बुलंद कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के मध्य विद्यालय किऊल बस्ती की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं वाले इस विद्यालय में सुविधाओं का ऐसा अभाव है कि बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। आलम यह है कि यहां न तो खेलने के लिए मैदान है, न ही बुनियादी स्वच्छता के लिए चालू हालत में शौचालय। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सरकार का आदेश है कि प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में प्रति 35 बच्चों पर एक शिक्षक का होना अनिवार्य है। यह भी पढ़ें- शिक्षक और सुरक्षा दोनों की कमी से जूझ रहा स्कूल लेकिन किऊल बस्ती मध्य विद्यालय के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। ​कुल छात्र संख्या 1079 जिसमें 565 छात्राएं और 514 छात्र का नामांकन है। ​वर्तमान में स्कूल...