बांदा, अप्रैल 8 -- बदौसा। फतेहगंज और बदौसा क्षेत्र की ज्यादातर भूमि एक फसली और प्रकृति पर निर्भर है। यहां के किसान अगेती रबी बुवाई कर खेतों से उत्पादन लेते हैं। रबी फसलों में बोए जाने वाली चना, मसूर, सरसों, अरहर, गेंहू आदि फसलों से किसान अपने घर गृहस्थी के खर्च चलाते हैं। किसान रती राम , रामबिलास कुशवाहा, नरेंद्र पटेल , दादू भाई पटेल, सुखुवा प्रजापति आदि ने बताया कि बीते फसलें खेतो में गिरकर फैल चुकी हैं। 50 प्रतिशत गेंहू की फसल खेतो में कटाई के लिए तैयार खड़ी है। फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। रात दिन परिवारीजनों के साथ खेतो में रहकर कटाई करते हैं। इसी चिंता में किसानों की रात की नीद उड़ी है। किसानों की व्यथा-वैशाख माह में ऐसी वर्षा कभी नहीं हुई। फसलें खेत में पड़ी हैं तो नींद नहीं आती है। किसानों ने आखिर भगवान का क्या...