देहरादून, मार्च 6 -- उत्तराखंड के ताजा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया गया है। रिपोर्ट में मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए 'केरल मॉडल' अपनाने की पुरजोर सिफारिश की गई है। प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षीसुंदरम ने टिहरी के पिलखी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के पीछे हीमोग्लोबिन की कमी और पोषण का अभाव सबसे बड़ी वजह है। सरकार अब केरल की तर्ज पर प्रत्येक गर्भवती महिला की डिजिटल ट्रैकिंग और विशेष पोषण कार्यक्रम चलाने की योजना बना रही है, ताकि समय रहते जोखिम की पहचान कर अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सके।'ज्ञान' फॉर्मूले से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देन...