मधुबनी, जून 18 -- शैलेन्द्र कुमार मधुबनी। आर्थिक दृष्टिकोण से पिछड़े जिले में शामिल होने के बाद यहां पर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा सामाजिक बदलाव हुआ है। कभी आर्थिक और सामाजिक कारणों से पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली बेटियां अब विद्यालयों और कॉलेजों तक ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपना परचम लहरा रही है। स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ी है तो बोर्ड परीक्षाओं में भी छात्राओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। राज्य स्तर पर भी छात्राओं की बढ़ती संख्या और घटती ड्रॉपआउट दर इस बदलाव की गवाही दे रही है। वर्ष 2026 में बिहार बोर्ड की मैट्रिक और इंटर दोनों परीक्षाओं में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक रही। वर्ष 2024 की इंटर परीक्षा में कुल 47772 में से छात्र 23666 व छात्राएं 24106 रहीं। वहीं 2025 में 57170 कुल छात्रों में छात्र 27499 थे। वहीं छात्रा...