बरेली, दिसम्बर 29 -- एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार को नाटक बियॉन्ड द डेथ का मंचन हुआ। डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह लिखित नाटक का डॉ. प्रभाकर गुप्ता और अश्वनी कुमार ने नाट्य रूपांतरण किया है। निर्देशन विनायक कुमार श्रीवास्तव ने किया। नाटक एक सड़क दुर्घटना से आरंभ होता है जिसमें तीन लोगों की मृत्यु हो जाती है। अगले दृश्य में एक लड़का हार्दिक और उसकी मां बात करते दिखते हैं, तभी फोन की घंटी बजती है। उधर से बोलने वाला खुद को हार्दिक से उसका दोस्त अस्तित्व बताता है और उसे होटल यूटोपियन लक्स में टेबल नंबर 10 पर बुलाता है। हार्दिक उससे मिलने जाता है और टेबल नंबर पर एक आदमी को देखता है जो अस्तित्व में नहीं है, लेकिन वह आदमी हार्दिक को पहचानने को कहता है। हार्दिक के इनकार पर वह खुद को अस्तित्व ही बताता है। कहता है कि एक सड़क दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गई...