नई दिल्ली, जून 2 -- प्रभाकर मणि तिवारी,वरिष्ठ पत्रकार पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 'बदला नहीं बदलाव' का नारा दिया था, लेकिन शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली उसकी सरकार के शुरुआती 25 दिनों के कार्यकाल के दौरान 'बदला' भी नजर आ रहा है और 'बदलाव' भी। भ्रष्टाचार के आरोपी तृणमूल कांग्रेस के दर्जनों नेताओं की गिरफ्तारी और कई नेताओं के साथ विभिन्न हिस्सों में हुई मारपीट को 'बदले' के तौर पर देखा जा रहा है, तो असंतोष और बगावत से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस की परिस्थिति को बदलाव के तौर पर। बदलाव की यह झलक शुभेंदु मंत्रिमंडल के विस्तार में भी नजर आती है। सोमवार को भाजपा के जिन 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें पूर्व पत्रकार, पूर्व क्रिकेटर से लेकर घरेलू सहायिका तक शामिल हैं। पार्टी ने इस विस्तार में राज्य के तमाम...