सिमडेगा, मार्च 3 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। बदलते समय के साथ साथ जिले में होली के त्योहार मनाने के अंदाज में बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय की बात करें तो अब यहां पहले की तरह ढ़ोल नगाड़ा लेकर फगुवा गीत गाते कम नजर आते है। अब युवा वर्ग होली के दिन नशा करने और फुहड गीतो में नाचने में ही अपनी वाहवाही समझते है। हांलाकि कई जगहो पर होली के मौके पर ढोल, मंजीरा झाल आदि से र्कीतन और फगुवा गीत गाया जाता है। लेकिन इनकी संख्या बेहद कम है। डिजिटल इंडिया बन रहे हिंदुस्तान में अब डिजिटल होली भी देखने को मिल रहा है। लोग होली के दिन घर से बाहर नहीं निकलते है और सोशल मिडिया जैसे वाटसअप, फेसबुक, ट्युटर में ही अपने दोस्तो और परिजनो को रंग और पिचकारी भेज कर होली का डिजिटल आनंद लेते है। होली की मिठाईयां भी सोशल मिडिया में ही भेज दी जाती है। होली के र...
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