नई दिल्ली, मार्च 26 -- आज का वैश्विक परिदृश्य यह स्पष्ट कर देता है कि व्यापार अब केवल आर्थिक गतिविधि नहीं रहा, बल्कि यह एक सशक्त भू-राजनीतिक उपकरण में तब्दील हो चुका है। टैरिफ, प्रतिबंध व आपूर्ति-शृंखलाओं का पुनर्गठन अब केवल बाजार की शक्तियों द्वारा संचालित नहीं होते, वे देशों की रणनीतिक प्राथमिकताओं का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे समय में विश्व व्यापार का केंद्रीय संगठन, यानी विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां उसे अपनी प्रासंगिकता साबित करने के लिए गहरे व व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। यही कारण है कि कैमरून की राजधानी याउंडे में शुरू हुआ इसका मंत्रिस्तरीय सम्मेलन अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार शासन के भविष्य की दिशा तय करने वाला क्षण है। देखा जाए, तो यह संगठन अभी अपन...
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