उरई, फरवरी 18 -- उरई। रोज बदल रहे मौसम से वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने से सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग फीवर की चपेट में आ रहे हैं। तीन दिनों में जिला अस्पताल में मरीजों की 18,090 प्रकार की जांच की गई। कई दिनों से मौसम के उतार-चढ़ाव से लोगों का स्वास्थ्य गड़बड़ हो रहा है। तेज धूप से गर्मी और रात में सर्दी व सुबह शाम चल रही सर्द हवाएं लोगों को बीमार कर रही हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इसका सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से वायरल फीवर की चपेट में सबसे ज्यादा छोटे बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। इसके अलावा डायबिटिक और हाइपरटेंशन के रोगी भी वायरल फीवर की चपेट में आसानी से आ रहे हैं। जिला अस्पताल में बीमार होकर आने वालों में सबसे ज्यादा संख्या खांसी जुकाम और वायरल फीवर के मरीजों की...