हरिद्वार, मार्च 1 -- बीते कुछ वर्षों में होली मनाने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। पहले समूह में घरों पर गुजिया, पापड़, कचरी और पकवान बनाने की परंपरा आम थी। अब बाजार से तैयार सामान खरीदने का चलन बढ़ गया है। वर्तमान में गिने-चुने परिवारों में ही बुजुर्ग महिलाएं पारंपरिक तरीके से घरों में पकवान तैयार करती नजर आती हैं। दूसरी ओर, शहर के बाजार रंग-बिरंगे नजर आ रहे हैं। दुकानें सजते ही खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। पिचकारी, गुलाल, रंग, गुब्बारे, मास्क और होली से जुड़ी सामग्री की मांग बढ़ रही है। आगामी चार मार्च तक बाजार में भीड़ रहेगी। रविवार को बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचे। महिलाओं ने रंगों के साथ गुजिया, चाट, पापड़, कचरी, पकौड़ी, मिठाई, मालपुआ और फल की खरीदारी की। कारोबारियों के चेहरे खिले हैं, तो बाजारों की रौनक ने त्योह...
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