वाराणसी, मई 26 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। शिक्षा व्यवस्था को सदैव समाज की आवश्यकताओं एवं बदलती परिस्थितियों के अनुरूप उत्तरदायी होना चाहिए। शिक्षकों एवं संकाय सदस्यों को इस प्रकार सशक्त बनाया जाना आवश्यक है कि वे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की दक्षताओं एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमताओं से युक्त कर सकें。

प्रमुख वक्ता का उद्बोधन ये बातें राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (नीपा), नई दिल्ली के कुलाधिपति प्रो. रामाशंकर दूबे ने कहीं। वह सोमवार को बीएचयू के अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र में आरंभ हुए शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 'फ्रॉम डेटा टू इनसाइट्स : स्टैटिस्टिकल एनालिसिस विद फ्री एंड एआई-ड्रिवन टूल्स' विषयक छह दिनी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गणित प्राचीन काल से...