बदरीनाथ यात्रा के दौरान देवप्रयाग में रुके थे जसपाल राणा, चाव से खाई कोदे की रोटी और हरी सब्जी
देहरादून, जून 13 -- देवप्रयाग, नई टिहरी। निशानेबाजी में उत्तराखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से पहाड़ का युवा काफी आहत है। पहाड़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए वह लगातार प्रयासरत रहे थे। यह भी पढ़ें- बदरीनाथ यात्रा के दौरान देवप्रयाग में रुके थे जसपाल राणा, चाव से खाई कोदे की रोटी और हरी सब्जीखेल संस्थान की स्थापना 1996 में देश की राजधानी नई दिल्ली में उन्होंने जब राणा निशाने बाजी व खेल संस्थान स्थापित किया था तो उसके प्रचार में वह स्वयं पहाड़ों में निकले थे। इसके तहत शिक्षा संस्थानों व खेल से जुड़ी संस्थाओं में उनके द्वारा अपने हस्ताक्षर युक्त फोल्डर भी बांटे गए थे। फोल्डर में निशानेबाजी को स्कूलों, कॉलेजों में बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने की योजना बताई गई थी। वहीं स्व जसपाल राणा के अंतर...
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