बगहा, मई 16 -- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब तीन रुपए से अधिक की बढ़ोतरी ने आम जनता से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यह भी पढ़ें- तेल की मार-बजट बेजार... रसोई सूनी, सफर दुश्वारईंधन की बढ़ती कीमतों का असर ईंधन के दाम में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर रोजमर्रा के खर्च, माल भाड़े और सार्वजनिक परिवहन पर दिखने लगा है। सड़क पर वाहनों की संख्या घट गयी है। कीमत बढ़ने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के मासिक खर्च में 800 से 1500 रुपये तक का इजाफा होने का चिंता सताने लगी है। ट्रक और ऑटो चालकों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल भाड़ा बढ़ाना मजबूरी हो गई है। बगैर भाड़ा बढ़ाएं संभव नही है। हालांकि इंधन के बढ़ी कीमत से अब सब्जी, अनाज, दूध जैसे जरूरी सामान की ढुलाई भी महंगी पड़ेगी, जिसका असर सीधे ग्राहक की जेब पर पड़ेगा। यह भी पढ़ें- डीजल-प...