नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- मीडिया खबरों के मुताबिक, भारत में रोजगार की स्थिति बहुत अच्छी नहीं दिख रही। केंद्र सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय के आवधिक श्रम-बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के हवाले से छपी खबर में बताया गया है कि बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के लगभग दो-तिहाई जिलों के युवा आबादी का एक-चौथाई हिस्सा न तो रोजगार में, न शिक्षा में और न ही किसी ट्रेनिंग की श्रेणी में कुछ कर रहा है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, असम और तेलंगाना सहित कई राज्यों के आधे जिलों में 25 फीसदी युवा आबादी भी हाथ-पर-हाथ धरे बैठी है। एनईईटी (शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से पृथक) श्रेणी में युवाओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। एनईईटी श्रेणी में उन नौजवानों को शामिल किया जाता है, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान में नामांकित नहीं हैं और श्रम बल...