कटिहार, जनवरी 3 -- समेली, एक संवाददाता। बढती ठंड से आलू फसल में शीतलहर का दुष्प्रभाव पड़ने लगा है। जहां आलू फसल में पाला मारने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं अत्यधिक ठंड व पछुआ हवा के झोंकों के कारण मक्का फसल की वृद्धि रुक गई है। किसानों का मानना है कि शीतलहर के मौसम में मक्का व आलू फसल को कई प्रकार के रोग का खतरा बढ़ जाता है। छोटे-छोटे आकार के मक्का के पौधे नाजुक होने के कारण वृद्धि थम जाती है। हालांकि पाला व अन्य रोगों के प्रकोप से बचने के लिए कीटनाशक व पौधों के शक्तिवर्धक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं तथा ठंड से बचने के लिए सिंचाई के साथ-साथ और भी कई उपाय कर रहे हैं। ज्ञात हो कि प्रखंड क्षेत्र में भारी पैमाने पर मक्का व आलू की खेती होती है। खासकर मक्का फसल के लिए यह क्षेत्र काफी प्रसिद्ध है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए मक्क...
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