नई दिल्ली, जून 18 -- गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ौदा रियासत के शाही परिवार की 35 साल पुरानी याचिका खारिज कर दी। याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें मंदिर ट्रस्ट की 707 एकड़ जमीन पर उनके दावे को खारिज कर दिया गया था। न्यायमूर्ति जस्टिस जे.सी. दोशी ने आदेश में अपीलकर्ता, बड़ौदा के महाराजा, की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह पहली अपील मुकदमेबाज की उस बेईमानी भरी इच्छा का एक स्पष्ट उदाहरण है जो मामले को कभी न खत्म होने वाले मुकदमे में उलझाए रखना चाहता है और अदालत की कार्यवाही को आगे बढ़ाता रहता है ताकि देवता की संपत्ति पर हमेशा संदेह बना रहे। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि इस तरह की जिद और लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से न्यायिक संसाधनों पर बोझ पड़ता है और अदालत का कीमती समय बर्बाद होता है। अदालत ने कहा कि देवता, यानी यवतेश...