नई दिल्ली, जुलाई 15 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण समिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति ने दिल्ली में 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण स्थलों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। साथ ही इन निर्माण स्थलों के लिए 12 मानक भी तय किए हैं। इन पर भी सख्ती से अमल करना होगा। समिति के मुताबिक, इस फैसले की वजह दिल्ली में निर्माण और ध्वस्तीकरण स्थलों से उड़ने वाली धूल की बेहतर निगरानी करना है। राजधानी में धूल को प्रदूषण की एक प्रमुख वजह माना जाता है। समिति ने धूल को दो वर्गों में विभाजित किया है। पहली वह जो सड़कों पर उड़ती है। दूसरी निर्माण-ध्वस्तीकरण के कारण उड़ने वाली धूल। सड़कों की धूल को नियंत्रित करने के लिए स्वीपिंग मशीनों समेत अन्य उपाय पहले से अपनाए जा रहे हैं। अब 500 वर्ग मीटर ...